अंगिका भाषा
| अंगिका | |
|---|---|
| आंगी | |
|
Angika Language speaking areas highlighted. | |
| Native to | India and Nepal |
| क्षेत्र | Bihar, Jharkhand and West Bengal (India), Terai (Nepal) |
Native speakers |
[१] |
| आधिकारिक स्थिति | |
राजभाषा |
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| भाषा कूट | |
| ISO 639-2 |
anp |
| ISO 639-3 |
anp |
| ग्लोटोलॉग |
angi1238 |
अंगिका मुख्य रूप स प्राचीन अंग यानि भारत केरौ उत्तर-पूर्वी आरू बिहार, झारखंड, बंगाल, आसाम, उङीसा आरू नेपाल के तराई केरौ क्षेत्र मं बोललो जाय वाला भासा छेकै । प्राचीन भासा कम्बोडिया, वियतनाम, मलेशिया आदि देशो मं भी प्राचीन समय सं बोललो जैतं रहलौ छै। अंगिका भाषा आर्य-भासा परिवार केरौ सदस्य छेकै आरू भासाई तौर प बांग्ला, असमिया, उड़िया आरू नेपाली, भासा सं एकरौ बहुते निकट के संबंध छै। प्राचीन अंगिका के विकास के सुरूआती दौर क प्राकृत आरू अपभ्रंश के विकास सं जोड़लो जाय छै । लगभग ५ सं ६ करोड़ लोग अंगिका क मातृ-भाषा के रुप मं प्रयोग करै छै । एकरो प्रयोगकर्ता, भारत केरो विभिन्न हिस्सा सहित विश्व केरो ढेरी देसौ मं फैललो छै। भारत केरौ अंगिका क साहित्यिक भाषा के दर्जा प्राप्त छै। अंगिका साहित्य केरो आपनो समृद्ध इतिहास रहलो छै आरू आठमो शताब्दी के कवि सरह या सरहपा क अंगिका साहित्य मं सबसं उंच्चो दर्जा प्राप्त छै। सरहपा क हिन्दी आरू अंगिका के आदि कवि मानलो जाय छै। भारत सरकार द्वारा अंगिका के जल्द ही भारतीय संविधान केरो आठमो अनुसूची मँ भी शामिल करलौ जैतै।[२]

प्राचीन समय मं अंगिका भाषा,अंग लिपि मं लिखलो जाय रहै। बादो-म कैथी लिपियो म अंगिका लिखलो जाय रहै, आयकल हेकरा लिखै लेली देवनागरी लिपि केरो उपयोग होय रहलो छै|
लिपि
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]अंगिका लेली इतिहास मँ अंग लिपि इस्तेमाल होय छेलै। फेरू हेकरा लेली कैथी काम ऐले। आजकल हेकरा लेली देवनागरी उपयोग करलो जाय रहलौ छै।
शब्दावली
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]
एकरो देखौ
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]सन्दर्भ
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]- ↑ अंगिका at Ethnologue (25th ed., 2022) साँचा:Closed access
- ↑ मोड्यूल:Citation/CS1/Utilities में पंक्ति 38 पर लुआ त्रुटि: bad argument #1 to 'ipairs' (table expected, got nil)।