सामग्री प जा

राम

विकिपीडिया केरौ बारे मँ

{

image =चित्र:2016 Singapur, Rochor, Świątynia Sri Krishnan (21).jpg |caption =भगवान श्री राम दरबार | name = श्रीरामजी ( श्रीरामचन्द्रजी ) | ¡sanskrit_transliteration = राम | devanagari = राम | parents = | birth_place = अयोध्याजी | death_place = गुफ्तार घाट, अयोध्या धाम | weapon = | consort = सीता | children =कुश, लव | abode = अयोध्या, वैकुण्ठलोक (परमधाम) | siblings = भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और शांता |other_names=व्रिशा, वैकर्तन(सुर्य का अन्श), श्रीरामचंद्रजी , श्रीदशरथसुतजी , श्रीकौशल्यानंदनजी , श्रीसीतावल्लभजी , श्रीरघुनन्दनजी ,श्रीरघुवरजी,श्रीरघुनाथजी,ककुत्स्थकुलनंदन आदि।|festivals=राम नवमी, दीपावली, दशहरा|father=महाराज दशरथ|mother=देवी कौशल्या|texts=वाल्मीकि रामायण
रामचरितमानस
विष्णु पुराण
भागवत पुराण|weapons=धनुष बाण ( कोदण्ड धनुष )|mantra=ॐ श्री रामचन्द्राय:‌‌नमः: ॐ रां रामाय नमः}}

भगवान श्रीराम की अयोध्या में वनवास के समय की प्रतिमा।

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्र, रामायण के अनुसार,महाराजा दशरथ आरू रानी कौशल्या के सबसऺ बड़का पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता छेलै। हनुमान उनको परम भक्त छीकै। लंका के राजा रावण के वध वहीं करने छेलै। उनको प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप मं छै कहीने कि वें मर्यादा के पालन के लेली राज्य, मित्र, माता-पिता तक क त्याग करलकै। श्री राम जी के जन्म ऐगो क्षत्रिय इक्ष्वाकु सूर्यवंश कुल मऺ होलो छेलै।

वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। ऋषि वाल्मीकि ने संस्कृत भाषा रामायण की रचना की थी।लेखक गोस्वामी तुलसीदास ने भी उनके जीवन पर केन्द्रित भक्तिभावपूर्ण सुप्रसिद्ध महाकाव्य रामचरितमानस की रचना की थी। इन दोनों के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं में भी रामायण की रचनाएँ हुई हैं, जो काफी प्रसिद्ध भी हैं। दक्षिण के क्रांतिकारी पेरियार रामास्वामी व ललई सिंह यादव की रामायण भी मान्यताप्राप्त है। भारत में श्री राम अत्यन्त पूजनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं तथा विश्व के कई देशों में भी श्रीराम आदर्श के रूप में पूजे जाते हैं जैसे नेपाल, थाईलैण्ड,मारीशस इण्डोनेशिया आदि। इन्हें पुरुषोत्तम शब्द से भी अलंकृत किया जाता है। इनका परिवार, आदर्श थाईलैंडी परिवार का प्रतिनिधित्व करता है। रामरघुकुल में जन्मे थे, जिसकी परम्परा रघुकुल रीति सदा चलि आई प्राण जाई पर बचन न जाई[] की थी। ब्राह्मणों के अनुसार राम न्यायप्रिय थे। उन्होंने बहुत अच्छा शासन किया, इसलिए लोग आज भी अच्छे शासन को रामराज्य की उपमा देते हैं। इनके दो पुत्रों कुश ( कुश के वंशज ही बाद में कुशवाहा कहलाए ) व लव ने इनके राज्यों अयोध्या और कोशलपुर को संभाला था।

वैदिक धर्म के कई त्योहार, जैसे दशहरा, राम नवमी और दीपावली, श्रीराम की वन-कथा से जुड़े हुए हैं। रामायण सदैव से भारतीयों के मन में बसता आया है, और आज भी उनके हृदयों में इसका भाव निहित है। भारत में किसी व्यक्ति को नमस्कार करने के लिए राम राम,जय सियाराम जैसे शब्दों को प्रयोग में लिया जाता है। ये भारतीय संस्कृति के आधार हैं॥ राम और कृष्ण दोनो ही विष्णु का अवतार हैं अतः ये दोनो एक ही हैं। अंग वासी लेली ई गर्व रो बात छै कि भगवान राम सेs हमरो घनिष्ठ संबंध छै।


श्रीराम रो अस्तित्व ही जुड़लो छै अंग जनपद सेs, एकरा नकारलो नय जाबs सकै छै

श्रीराम रो जन्मभूमि रो 'जन्म' शब्द ही प्राचीन 'अंग जनपद' सs जुड़लो होलो छै जेकरो राजधानी चम्पा छेलै। 

रामायण काल मs 'अंग जनपद' रो राजा छेलै रोमपाद। एकरा चित्ररथ और लोमपाद भी कहलो गेलो छै । ई बृहद्रथ /धर्मरथ रो बेटा छेलै। कौशल जनपद रो राजा सुकौशल और महारानी अमृतप्रभा रो बड़की बेटी वर्षिणी सs हिनको बिहा होलो छेलै। महाराज रो दोसरी बेटी छेलै कौशल्या। तखनी 'अवध जनपद' रो राजा छेलै दशरथ। कौशल आरो अवध रो बीच शत्रुता छेलै। अवध नरेश दशरथ साथs रोमपाद रो बहुत बढ़ियां मित्रता छेलै। श्रीराम रो माय कौशल्या रो बिहा दशरथ सs कराय मेंs अंग जनपद रो बहुत बड़ो भूमिका रहलो छै ।

दशरथ कs कौशल्या सs एकटs बेटी होलै जेकरो नाम शांता छेलै। राजर्षि रो सलाह पर अवध नरेश दशरथ नs हैय पुत्री कs अंग नरेश रोमपाद कs पौषपुत्री रो रूप मs सौंपी देलको छेलै।

किशोरवय मs शांता रो आमात्य सुमंत कs कहला पर अंग जनपद रो ऋषि विभंडक केरो अप्सरा उर्वसी सs उत्पन्न पुत्र शृंगी रो साथs बिहा करी देलकै। कही छै कि बेटी (शांता) रो बिहा ऋषि शृंगी सs कराय कs दशरथ रो हित मs राजा रोमपाद नs एकठो आरो काम करको छेलै।
अंग नरेश रोमपाद नs ऋषि शृंगी कs प्रसन्न करी कs अवध नरेश दशरथ लेली पुत्रेष्ठि यज्ञ करैलकै । मतलब जमाता (दामाद) ने अपनो ससुर  लेली हैय यज्ञ करैलकै। हैय यज्ञ रो बाद ही राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ई धरती पर अइलै। एकरा  सs पहलs दशरथ नs संतान रो इच्छापूर्ति लेली कौशल्या रो अलावा दुगो आरो बिहा करी लेलs छेलै मतर प्रारब्ध ऋषि शृंगी रो प्रतीक्षा करी रहलो छेलै जिसरो सूत्रधार अंग जनपद छेलै। अयोध्या पर अंग जनपद रो हैय सबसे बड़ो उपकार छै।  

ई प्रसंग में ऋषि वाल्मिकी कृत 'रामायण' रो श्लोक कs भी देखलो जाबs पारै छै।

         अङ्ग राजेन सख्यम् च तस्य राज्ञो भविष्यति।
         कन्या च अस्य महाभागा शांता नाम भविष्यति।। 
         - (काण्ड-1, सर्ग-11, श्लोक-3

इक्ष्वाकु कुल मs पैदा होलो श्रीराम अगर आज मर्यादा पुरुषोत्तम रो रूप मs दुनिया भर मs पूज्य छै तs ई हिस्सा रो बड़ो श्रेय अंग जनपद कs भी जाय छै।

आलोक कुमार

  1. रामचरितमानस (सटीक)-2-28-2; गीताप्रेस गोरखपुर, संस्करण-1999ई०।