पटना के नवाब
स्वरूप
पटना के नवाब के नवंबर 1670 म॑ एक हजार रुपया जुर्माना देला के बाद होकरा सात हफ्ता के कारावास के बाद रिहा करी देने छेलै। मार्शल न॑ ऐगो महान बगीचा पैलकै,आरु दक्षिण के अंत म॑, वें बहुत सारा झुमका आरु बहुत सारा कब्र आरु मस्जिद क॑ देखलकै। वें आगु लिखै छै कि शहर एक चढ़ाई प॑ खड़ा छै,ई नदी स॑ 8 या 10 गज के दूरी प॑ छै, मुंगेर के दक्षिण छोर प॑ नदी के ओर स॑ ईटा के दीवार लगभग 5 गज के छेलै,आरु 20 गज लंबा छेलै,आरु टावर छेलै, आरु सब दीवार प॑ बंदुक लगाय लेली ऐगो दुर्ग जैसनो बनलो छेलै।
एकरहो देखौ
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]बाहरी कड़ी
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