Sarojani nayadu ke jeevani
सरोजनी नायडू भारत के एगो प्रसिद्ध कवयित्री आरु स्वतंत्रता सेनानी छेलै। हुनका लोग भारत कोकिला (भारत के बुलबुल) कहै छै। जनम अरु शिक्षा: सरोजनी नायडू के जनम 13 फरवरी 1897 के हैदराबाद सिटी में होलो छलै। हुनको बाबू जी अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एगो वैज्ञानिक अरु शिक्षाविद रहै, अरु माय वरदा सुंदरी कवयित्री रहै। सरोजनी बहुत तेज दिमाग के रहे। उन्ही लंदन में कैम्ब्रिज विश्वविद्याला में पढ़ाई करलेकै कविता के शौक: सरोजनी के कम उम्र से ही कविता लिखै के शौक रहै। हुनकर कविता में प्रकृति, प्रेम, अरु देशभक्ति के सुंदर चित्रण दिखै छै। हुनकर प्रसिद्ध कविता संग्रह छै- The Golden Threshold, The Bird of Time, अरु The Broken Wing. स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान: सरोजनी नायडू महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत के स्वतन्त्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाइलके रहै। उन्ही कै बेर नी जाईल गेलै। 1925 में सरिजनी नायडू इंडियन नेशनल काँग्रेस के अध्यक्ष बनलै। साथ ही ई पद पर पहुंचय वाली पहली भारतीय महिला बनलै। महिला अधिकार के पक्षधर: सरोजनी नायडू महिला अधिकार, शिक्षा अरु समानता के पक्ष में बहुत काम करलेकै। स्वतंत्र भारत में उ उत्तरप्रदेश के गवर्नर बनलै। ई भारत के पहिलो महिला राज्यपाल बनलो छलै। निधन: 2मार्च 1949 के लखनऊ में हुनकर निधन होई गेलै। हुनकर लिखलो कविता: सरोजनी नायडू के एगो प्रसिद्ध कविता (The Bangle Sellers) के चंद पंक्ति यहाँ अंगिका में अनुवाद करी के बतावे के कोशिश करलो छिए: (चूड़ी बेचय वाला) हम्मा चूड़ी बेचय वाला छिए, आनै छिए रंग- बिरंगो चूड़ी, जैसन की नयकी दुल्हिन के सपना, अरु माय के ममता में भींजल भीना। कुछू चूड़ी छै हरियर-हरियर, जैसन की नाया जिनगी के शुरुआत, कुछू रतन जैसन चमकै, प्रीत के उगमता के बात। कुछू नीला-जैसन सागर के गहरो, कुछू लाल-जैसन पियरल गगन, ई सब चूड़ी छै जिनगी के रंग, नारी रो सपना, नारी रो धन। ब्याह के दिन सजै छै दुल्हिन, हमरो चूड़ी से हाथ सजै छै, हम्मा नारी के सौन्दर्य बनाबै छिए, हमरो चूड़ी में दुनिया सजै छै।