हेसडालेन प्रकाश
हेसडालेन प्रकाश (Hessdalen lights) अलौकिक रोशनी छेकै, जेकरा कम सँ कम 1930 के दशकौ सँ ग्रामीण मध्य नॉर्वे केरौ हेसडालेन घाटी के 12 किलोमीटर लंबा क्षेत्रौ मँ समय-समय पँ लौकलौ गेलौ छै।
पृष्ठभूमि
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]हेस्डेलन केरौ रोशनी दिन आरो रात दोनों समय मँ लौकै छै, आरो घाटी केरौ बीच आरो उप्पर तैरतँ हुअँ लागै छै। उ सिनी आमतौर पँ चमकीला उज्जरौ, पीरौ या लाल होय छै आरो क्षितिज केरौ उप्पर आरो नीच्चँ लौकै सकै छै। हैय घटना रौ अवधि कुछ सेकंड सँ लेय क एक घंटा सँ बेसी होय सकै छै। कहियो-कहियो रोशनी बहुते तेजी सँ चलै छै; दोसरौ समय मँ उ सिनी धीरे-धीरे आगू-पीछू झूलतँ हुअँ लागै छै। आरू दोसरौ अवसरौ पँ, उ सिनी हवा केरौ बीच मँ मंडराय छै।[१] कम सँ कम 1930 केरौ दशक सँ हैय क्षेत्रौ मँ असामान्य रोशनी रौ सूचना मिललौ छै।[२] विशेष रूप सँ उच्च गतिविधि दिसंबर 1981 आरो मध्य-1984 केरौ बीच होलै, जेकरा दौरान रोशनी क प्रति सप्ताह 15-20 बेर हेरलौ गेलै, जेकरा सँ ढेरी रात तक पर्यटक आकर्षित होलै।[३] 2010 तलक, देखे रौ संख्या कम होय गेलौ छेलै, जेकरा मँ सालाना खली 10 सँ 20 बेर लौकलै। 1983 सँ, UFO-Norge आरो UFO-Sverige द्वारा आरंभ करलौ गेलौ "प्रोजेक्ट हेस्डेलन" नँ रोशनी रौ जांच करै रौ प्रयास करलकै। हैय परियोजना 1983-1985 केरौ दौरान क्षेत्र जाँच केरौ रूप मँ सक्रिय छेलै। छात्र, इंजीनियर आरो पत्रकार सिनी केरौ एगो समूह नँ 1997-1998 मँ "द ट्रायंगल प्रोजेक्ट" केरौ रूप मँ सहयोग करलकै आरो पिरामिड केरौ आकारौ मँ रोशनी क रिकॉर्ड करलकै जे उप्पर आरो नीच्चँ उछलै छेलै।[४][५] 1998 मँ, रोशनी केरौ उपस्थिति क दर्ज करै आरो रिकॉर्ड करै लेली घाटी मँ हेस्डेलन स्वचालित मापन स्टेशन (Hessdalen AMS) स्थापित करलौ गेलौ छेलै। बाद मँ, रोशनी पँ शोध करै लेली स्थापित वैज्ञानिक आरो छात्र सिनी क एक्के साथ लाबै लेली EMBLA नामक एगो कार्यक्रम आरंभ करलौ गेलौ छेलै।[६][७] प्रमुख शोध संस्थान Østfold यूनिवर्सिटी कॉलेज (नॉर्वे) आरो इतालवी राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद छै।
परिकल्पना सिनी
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]जारी शोधौ के बावजूद, हैय घटना केरौ व्याख्या लेली कोय आम सहमति नाय छै। कईगो संभावित रूप सँ तर्कसंगत सिद्धांत सिनी सामने रखलौ गेलौ छै। कुछु लौकलौ (देखलौ गेलौ) घटना सिनी क सकारात्मक रूप सँ खगोलीय पिंडौ, हवाई जहाजौ, कार केरौ हेडलाइटौ आरू मरीचिका (mirage) सिनी केरौ गलतफहमी केरौ रूप मँ पहचानलौ गेलौ छै।[८] एगो व्याख्या हैय घटना क क्षेत्रौ मँ खनन सँ उड़ै वाला धूल केरौ अधूरा रूप सँ समझलौ गेलौ दहन (combustion) क मानै छै। विश्लेषण मँ हाइड्रोजन, ऑक्सीजन आरू टाइटेनियम सहित अन्य तत्व सिनी केरौ पहचान करलौ गेलौ छेलै।[९] ई मानलौ जाय छेलै की हैय घटना हेसडालेन मँ स्कैंडियम (scandium) केरौ बड़ौ भंडारौ केरौ कारण होय छै। हैय शोध केरौ प्रकाशन सँ नॉर्वेजियन प्रेस ने दावा करलकै की "हेसडालेन केरौ रहस्य सुलझी गेलै छै"।[१०][११] 2010 मँ रखलौ गेलौ एगो परिकल्पना सुझाव दै छै की धूल भरलौ वायुमंडल मँ रेडॉन केरौ क्षय केरौ दौरान अल्फा कण सिनी द्वारा हवा आरो धूल केरौ आयनीकरण सँ उत्पन्न प्लाज्मा मँ मैक्रोस्कोपिक कूलॉम क्रिस्टल (Coulomb crystals) केरौ एगो गुच्छा सँ ई रोशनी सिनी बनै छै। हेसडालेन केरौ रोशनी सिनी मँ लौकलौ कईगो भौतिक गुण सिनी जैना की दोलन (oscillation), ज्यामितीय संरचना, आरो प्रकाश स्पेक्ट्रम क एगो धूल भरलौ प्लाज्मा (dust plasma) मॉडल केरौ माध्यम सँ समझायलौ जाय सकै छै।[१२] रेडॉन क्षय सँ अल्फा कण (जे हेसडालेन लाइट्स स्पेक्ट्रम मँ हीलियम उत्सर्जन लेली जिम्मेदार छै) आरो रेडियोधर्मी तत्व सिनी जैना की पोलोनियम पैदा होय छै। 2004 मँ, भौतिक विज्ञानी मासिमो तेओदोरानी[१३] ने एगो ऐसनौ घटना देखैलकै जहाँ एगो बड़ौ रोशनी रौ गोला लौकै वाला क्षेत्रौ केरौ पास चट्टानौ पँ रेडियोधर्मिता केरौ उच्च स्तर दर्ज करलौ गेलौ छेलै। कंप्यूटर सिमुलेशन देखाबै छै की आयनीकृत गैस मँ डुबलौ धूल हेसडालेन लाइट्स केरौ कुछु घटना सिनी केरौ रंकी अपनें क द्विकुंडलिनी (double helix) मँ व्यवस्थित करी सकै छै; धूल भरलौ प्लाज्मा भी हैय संरचना मँ बनी सकै छै।[१४] एगो दोसरौ परिकल्पना हेसडालेन लाइट्स क विशिष्ट चट्टानी तनाव केरौ तहत उत्पन्न दाबविद्युत् (piezoelectricity) केरौ परिणाम केरौ रूप मँ समझैबै छै,[lower-alpha १] काहेकी हेसडालेन घाटी केरौ कईगो क्रिस्टल चट्टान सिनी मँ क्वार्ट्ज़ (quartz) केरौ दाना शामिल छै जे तीव्र आवेश घनत्व पैदा करै छै।[१२]
दाबविद्युत् (Piezoelectricity)
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]साँचा:Technical 2011 केरौ एक पेपर मँ, हेसडालेन लाइट्स केरौ धूल भरलौ प्लाज्मा सिद्धांत पँ आधारित, गेर्सन पाइवा आरो कार्लेटन टाफ्ट ने सुझाव देलकै की क्वार्ट्ज़ केरौ दाबविद्युत् (piezoelectricity) हेसडालेन लाइट्स घटना केरौ एक अनोखा गुणसाँचा:Spndओकरौ केंद्र मँ ज्यामितीय संरचना सिनी केरौ मौजूदगी क नाय समझाय सकै छै।[१६] पाइवा आरो टाफ्ट ने धूल भरलौ प्लाज्मा मँ कम आवृत्ति वाला भू-विद्युतचुंबकीय तरंग सिनी केरौ संग आयन-ध्वनिक (ion-acoustic) आरो धूल-ध्वनिक तरंग सिनी केरौ गैर-रेखीय परस्पर क्रिया द्वारा हेसडालेन लाइट्स मँ रोशनी रौ गोला केरौ क्लस्टर बनै के एगो क्रियाविधि (mechanism) देखैलकै। उत्सर्जित रोशनी रौ गोला सिनी केरौ सैद्धांतिक वेग लगभग साँचा:Cvt छै, जे कुछु उत्सर्जित रोशनी रौ गोला सिनी केरौ लौकलौ वेग सँ बहुते मेल खाबै छै, जेकरौ अनुमान साँचा:Cvt लगायलौ गेलौ छेलै।[१७] बीचौ वाला गोला सफेद होय छै, जबकि उत्सर्जित लौकलौ गोला सिनी हमेशा हरा रंगौ केरौ होय छै। ई आयन-ध्वनिक तरंग सिनी केरौ माध्यम सँ अति निम्न आवृत्ति विद्युतचुंबकीय तरंग सिनी (VLF) आरो वायुमंडलीय आयन सिनी (केन्द्रीय सफेद रंगौ वाला गोला मँ मौजूद) केरौ बीच परस्पर क्रिया सँ उत्पन्न विकिरण दबाव क श्रेय देलौ जाय छै।[१८] हरा उत्सर्जन रेखा सिनी वाला Oसाँचा:Su आयन (इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण b4Σसाँचा:Su → a4Πu), शायद केवल उहे छेकै जे हैय तरंग सिनी द्वारा ले जाय ल जाय छै। Oसाँचा:Su आयन सिनी केरौ इलेक्ट्रॉनिक बैंड औरोरल स्पेक्ट्रा मँ होय छै।[१९] हेसडालेन लाइट्स केरौ अनुमानित तापमान लगभग साँचा:Cvt छै।[१३] हैय तापमान पँ, ऑक्सीजन आयन सिनी लेली वियोजक पुनर्संयोजन केरौ दर गुणांक 10−8 cm3 s−1 होतै, आरो नाइट्रोजन आयन सिनी लेली 10−7 cm3 s−1 होतै।[lower-alpha २] हैय प्रकार, हेसडालेन लाइट्स प्लाज्मा मँ, नाइट्रोजन आयन (Nसाँचा:Su + e− → N + N*) ऑक्सीजन आयन सिनी केरौ तुलना मँ बेसी तेजी सँ विघटित होतै। केवल आयनिक प्रजाति सिनी आयन ध्वनिक तरंग सिनी द्वारा ले जाय ल जाय छै। इसलिए, हेसडालेन लाइट्स मँ उत्सर्जित हरा रोशनी रौ गोला सिनी मँ ऑक्सीजन आयन सिनी केरौ प्रधानता होतै, जे आयन-ध्वनिक तरंग निर्माण केरौ बाद इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण b4Σसाँचा:Su → a4Πu केरौ संग Oसाँचा:Su केरौ नकारात्मक बैंड प्रस्तुत करै छै। पाइवा आरो टाफ्ट ने हेसडालेन लाइट्स मँ लौकलौ स्पष्ट रूप सँ विरोधाभासी स्पेक्ट्रम क सुलझाबै लेली एगो मॉडल पेश करलकै। ब्रेम्सस्ट्राहलुंग (bremsstrahlung) स्पेक्ट्रम पँ प्रकाशीय मोटाई केरौ प्रभाव केरौ कारण स्पेक्ट्रम उप्पर सँ लगभग समतल आरो ढलान वाला किनारा सिनी वाला होय छै। कम आवृतियों पँ स्व-अवशोषण स्पेक्ट्रम क कृष्णिका वक्र (blackbody curve) केरौ रेले-जींस भाग केरौ पालन करै लेली संशोधित करै छै।[२१] ऐसनौ स्पेक्ट्रम सघन आयनीकृत गैस केरौ विशेषता छेकै। एकरा अलावा, तापीय ब्रेम्सस्ट्राहलुंग प्रक्रिया मँ उत्पन्न स्पेक्ट्रम एक कटऑफ आवृत्ति, νcut, तलक समतल रहै छै, आरो उच्च आवृतियों पँ चरघातांकी रूप सँ गिरै छै। घटनाओं केरौ ई क्रम हेसडालेन लाइट्स घटना केरौ विशिष्ट स्पेक्ट्रम बनैबै छै जेखनी वायुमंडल साफ होय छै, बिना कोनो कुहासा केरौ। मॉडल केरौ अनुसार, हेसडालेन लाइट्स घटना मँ आम तौर प लौकलौ चमकदार गोला सिनी केरौ स्थानिक रंग वितरण जमीन केरौ नीच्चँ दाबविद्युतीय चट्टान सिनी केरौ तेजी सँ टूटै केरौ दौरान विद्युत क्षेत्र सिनी द्वारा त्वरित इलेक्ट्रॉन सिनी द्वारा उत्पन्न होय छै।[२२] 2014 मँ, जाडर मोनारी ने भूवैज्ञानिक-जैसनौ बैटरी क शामिल करैत हुअँ एगो नया हेसडालेन लाइट्स मॉडल प्रकाशित करलकै।[२३] हैय प्रकार, घाटी केरौ दोनों किनारा इलेक्ट्रोड छेकै आरो हेसजा (Hesja) नदी इलेक्ट्रोलाइट केरौ रूप मँ काम करी सकै छै। गैस केरौ बुलबुला सिनी हवा मँ उप्पर उठै छै आरो विद्युत रूप सँ आवेशित होय क गैस ल्युमिनेसेंस आरो हेसडालेन लाइट्स घटना पैदा करी सकै छै।[२४]
बहारी कड़ी
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]संदर्भ
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- ↑ Chamberlain, J.W., Physics of the Aurora and Air-glow (Academic Press Inc., New York, 1961) साँचा:ISBN?
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- ↑ ताकाकी आरो इकेया द्वारा 1998 के शोध पँ आधारित।[१५]
- ↑ मेहर आरो बियोन्डी द्वारा Nसाँचा:Su आरो Oसाँचा:Su लेली इलेक्ट्रॉन तापमान अंतराल 0.007–10 eV पँ इलेक्ट्रॉन तापमान केरौ फलन केरौ रूप मँ इलेक्ट्रॉन-आणविक आयन वियोजक पुनर्संयोजन दर गुणांक आरो इलेक्ट्रॉन ऊर्जा केरौ फलन केरौ रूप मँ क्रॉस सेक्शन केरौ मापन केरौ उपयोग करैत हुअँ।[२०]
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