यूजर:Saraswati kumari poddar mahi
स्वरूप
हमरो नाम सरस्वती कुमारी छीके ।
हमरो गांव मिल्की होले।
हमरो पिताजी के नाम मनोज कुमार माही छीके।
एकदिन हमरो भी अइतै
पतझड़ अइलोॅ छै त॔ ,
बसंत के आना निश्चित छै।
हौसला त॔ रखोॅ एक दिन,
हमरोॅ सफलता भी सुनिश्चित छै।
मेहनत करी नाम कमैबै ,
माय बापो रऽ शान बढैवै।
सब के हम्मे बात सिखैबै ,
शिक्षा रऽ दीप जरैबै।
ज्ञान विज्ञान से कैन्है छो वंचित,
ई शिक्षा के करो तोंय संचित ।
संचित शिक्षा से बनभोॅ शिक्षित,
तबेॅ होभोॅ तोंय जग में चर्चित