बॉका के पहचान
हमरो बिहार के रो पवित्र भूमी आपनो पुरातन परिचय के मोहताज नय छै । वेद १ पुराण आरो अन्य धर्म ग्रन्थ में एकरा प्रमाण मिले छौ हमरो जिला भागलपुर के रो बगलगीर जिला बॉका एकरा से अछूता नय छै । देवासुर संग्राम से कै नय परिचित छै। ई देवासुर संग्राम में समुद मंथन के जिक्र छौ । समुद मंथन मैं वासुकी नाग के द्वारा जे पर्वत के मथानी के रूपों में प्रयोग करलो गेलो रहे। ऊ मंदार पर्वत बॉका जिला में छै ।एकरा मदरांचल भी कहला जाय छै । मंदार पर्वत के सोन्दर्य वर्णन करना संभव नय छै।बड़ो बड़ो पहाड़ी से अच्छादित इ जगह स्वर्ग के समान लगै छै । पहाड़ी केरो ऊँचाई लगभग 700-800 फीट छै । जेकरा में कुछ पहाड़ीमें कत्ते नय मूर्ति आरो वास्तुकला के रो पवित्र सरोवर मानलो जाय छै। इ पर्वत पे हिन्दू धर्मके साथे साथे जैन धर्म केरो मंदिर छै । यहाँ के रो मकर संक्रांति काफी प्रसिद्ध छै । हर साल 14 जनवरी के मेला लागै छै ' आदिवासी समुदाय के लोग13 जनवरी के अपनो सिद्धी पूजा मनावे छै पर्यटक के हिसाब से मंदार पर्वत पे काफी सुविधा छै । पर्यटक के रहे लेली आरो खाना पीना वोटिंग आरो आवगमन के सुविधा छै ।मंदार पर्वत पे चढ़े लेली पहाड़ के काटी के सीढ़ी बना लै गेलो छै । एकरा अरिक्ति विजती से चले बाला ट्रॉली के सुविधा छै जेकरा से वृद्ध आरु निःशक्त आदमीभी दर्शन करै छै । यदि आपने सब अभी ते मंदार पर्वत के दर्शन नय करनै छिये ते एकबार आवी के आपनो जीवन धन्य करियै