पंडित अनूप कुमार वाजपेयी
| पंडित अनूप कुमार वाजपेयी | |
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| जन्म |
2 नवम्बर 1963 बंदनवार गाँव, गोड्डा, बिहार,अखनी झारखंड, भारत |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| व्यवसाय | पत्रकार, पुरातत्वविद, लेखक,अंगिका साहित्यकार |
| कार्यकाल | 1989–अखनी तलक |
| नियोक्ता | पत्रकार PTI |
| ऊंचाई | 5ft 7in |
पंडित अनूप कुमार वाजपेयी (en: Pandit Anup Kumar Bajpai) (जन्म २ नवम्बर १९६३) भारत केरौ एगो लेखक, पत्रकार, आरू पुरातत्व अन्वेषक [१]छेकै, जे खास करी क भारत केरौ अंग क्षेत्र, झारखंड, संथाल परगना प्रमंडल केरौ प्राचीन इतिहास, पुरातत्व आरू जनजातीय समुदाय पर अपनौ शोध लेली जानलौ जाय छै। हुनको काम प्राचीन सभ्यता, जीवाश्म (fossil), शिलालेख (inscription) आरू पहाड़िया तथा अन्य क्षेत्रीय समुदाय केरौ संस्कृति प केंद्रित छै।हुनी अंगिका आरू हिन्दी भाषा मँ साहित्य लेखन करै छै ।[२][३] [४]
आरंभिक जीवन आरू परिवार
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]अनूप कुमार वाजपेयी केरौ जन्म २ नवम्बर १९६३ क गोड्डा जिला (वर्तमान झारखण्ड मँ) केरौ बंदनवार गाँव में होलो छेलै। हुनको पिता श्री प्रेम कुमार वाजपेयी आरू माता श्रीमती रुक्मणी देवी छेकै। हुनी शिक्षित पृष्ठभूमि वाला परिवार सँ छै: हुनको दादा शिक्षाविद पंडित लक्ष्मी कान्त वाजपेयी आरू परदादा विद्वान आरू शिक्षाविद पंडित रामचरण वाजपेयी (काव्यतीर्थ) छेलै। हुनी वर्तमान मँ झारखण्ड केरौ दुमका मँ रहै छै। [५]
कैरियर आरू योगदान
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]पत्रकारिता आरू मीडिया
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]वाजपेयी तैंतीस साल सँ अधिक समय सँ सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप मँ काम करी रहलो छै। हुनको काम, खासकर पुरातत्व, पहाड़िया जनजाति आरू विभिन्न अन्य विषय पर, ऑल इंडिया रेडियो, भागलपुर द्वारा प्रसारित करलौ गेलौ छै आरू समाचार पत्र आरू पत्रिका मँ प्रकाशित भेलौ छै। सूचना आरू जनसंपर्क विभाग, संथाल परगना, दुमका प्रमंडल कार्यालय, भी हुनको पुरातत्व संबंधी खोज पर आधारित सचित्र सीडी आरू वीडियो सीडी जारी करनें छै।[६] [७]
पुरातत्व आरू ऐतिहासिक शोध
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]वाजपेयी क संथाल परगना क्षेत्र मँ पुरातत्व आरू जीवाश्म विज्ञान के क्षेत्र मँ महत्वपूर्ण योगदान लेली जानलो जाय छै।[८] [९] [१०] [११]
जीवाश्म खोज
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]जीवाश्म के अध्ययन के आधार प, हुनी राजमहल पहाड़ी क्षेत्र मँ दक्षिण अफ्रीका मँ मिललो जीवाश्म जैसनो जीवाश्म केरौ खोज केरौ सूचना देनें छै, जे ३० करोड़ साल सँ भी अधिक पुरानो छै। ई खोज मँ कार्बोनिफेरस काल केरौ विभिन्न पौधा, बीज, हिरण केरौ खूर, मछली, लुक्खी (गिलहरी), आरू यहाँ तलक कि चट्टान मँ बंद मानव पदचिह्न केरौ छाप शामिल छै।[१२] [१३] [१४] [१५]
प्राचीन सभ्यता केरौ सिद्धांत
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]आपनो भूविज्ञान आरू जीवाश्म विज्ञान मँ शोध के कारण हुनी ई परिकल्पना प्रस्तुत करनें छै कि विश्व केरौ सबसँ प्राचीन सभ्यता राजमहल क्षेत्र (अंग क्षेत्र/प्रान्त आरू संथाल परगना सहित) मँ विकसित होलो छै, जे सिंधु घाटी सभ्यता सँ भी पुरानौ छै। हुनी सुझाव दै छै कि ई क्षेत्र धरती तरौ मँ दबलौ ढेरी गाँव आरू प्राचीन बस्ती क समेटनें छै, जे ई संभावना क इंगित करै छै कि पाषाण युग केरौ उत्पत्ति एहीं सँ भेल होलो छै। ई सिद्धांत केरौ विस्तृत वर्णन हुनको किताब विश्व की प्राचीनतम सभ्यता[१६] [१७]मँ करलौ गेलौ छै। हुनी खास करी क दुमका केरौ शिकारी पाड़ा मँ चंदनघाट नाला नदी केरौ महत्व क उजागर करलै छै, जैन्जाँ हुनका पत्थर के औजार केरौ सबूत मिललो छेलै।[१८]
शिलालेख अध्ययन
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]वाजपेयी केरौ सबसँ महत्वपूर्ण अभिलेखीय योगदान मँ सँ एगो देवघर केरौ बाबा बैद्यनाथ मंदिर के ऊपर वरुण कलश (जल पात्र/कलश) पर मिललो शिलालेख केरौ खोज आरू अध्ययन छै। हुनको अध्ययन, जे श्लोक संदेश के रूप में छै, ई सुझाव दै छै कि ई मंदिर केरौ कलश, राजा चंद्रमाउलीश्वर द्वारा विक्रम संवत् १४ केरौ श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन स्थापित करलौ गेलो छेलै। वाजपेयी केरौ तर्क छै कि ई शिलालेख देवनागरी लिपि केरौ एगो प्रारंभिक रूप छै आरू रुद्रदमन केरौ शिलालेख सँ भी पुरानौ छै। हुनी संथाल परगना केरौ मंदिर में मिललो अनगिनत अन्य दुर्लभ शिलालेख, अभिलेख, आरू लिपि केरौ भी अध्ययन करनें छै।[१९] [२०] [२१]
सामाजिक आरू सांस्कृतिक कार्य
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]वाजपेयी क पहाड़िया आरू अन्य आदिवासी समुदाय लेली सामाजिक सेवा मँ, साथ ही अंगिका आरू आदिवासी भाषा जैसनो क्षेत्रीय भाषा के अध्ययन मँ विशेष रुचि छै। हुनको किताब पूर्वी भारत के पहाड़िया ई क्षेत्र मँ एगो उल्लेखनीय काम छै।[२२]
साहित्यिक रचना आरू प्रकाशन
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]पंडित अनूप कुमार वाजपेयी एगो सक्रिय लेखक छै, जिनको काम खास करी क इतिहास, पुरातत्व आरू संस्कृति प केंद्रित छै। हुनको कई गो किताब क सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU), दुमका केरौ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम मँ शामिल करलौ गेलौ छै।
| प्रकाशन वर्ष | शीर्षक | विषय/भूमिका | प्रकाशक | SKMU पाठ्यक्रम में समावेशन |
| २००९ | राजमहल (ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक) | इतिहास आरू पुरातत्व | सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक, संथालपरगना, दुमका (झारखण्ड) | — |
| २०११ | पूर्वी भारत के पहाड़िया (The Paharia of Eastern India) | क्षेत्रीय समुदाय अध्ययन | पंडित अनूप कुमार वाजपेयी | एम.ए. इतिहास (२०१४-१५ सत्र) आरू एम.ए. संथाल संस्कृति अध्ययन (२०२१-२३ सत्र) में शामिल।[२३] |
| २०१७ | "अंगिका/खोरठा: पं. अनूप कुमार वाजपेयी सँ साक्षात्कार संवाद" (Interview) | अंगिका/संस्कृत तुलनात्मक अध्ययन | समीक्षा प्रकाशन | एम.ए. संस्कृत में तुलनात्मक अध्ययन सहायता के रूप में शामिल (२०१९-२१ सत्र)। |
| २०१८ | भारतीय लोक देवता कोश (Encyclopedia of Indian Folk Deities) | भारतीय लोक संस्कृति | समीक्षा प्रकाशन | एम.ए. (स्नातकोत्तर) - संस्कृत पाठ्यक्रम में शामिल (२०१९-२१ सत्र)। |
| २०१८ | विश्व की प्राचीनतम सभ्यता (The World's Most Ancient Civilization) | प्राचीन इतिहास, पुरातत्व | समीक्षा प्रकाशन | एम.ए. संस्कृत में बहु-विषयक शोध लेली शामिल (२०१९-२१ सत्र)। |
| २०२१ | पावस-पीयूष [२४](काव्यतीर्थ पंडित रामचरण बाजपेयी विरचित ) | संपादित ब्रजभाषा काव्य (हिंदी अनुवाद सहित) | समीक्षा प्रकाशन | — |
| २०२३ | पूर्वी भारत के दुमका जिला की धार्मिक-सांस्कृतिक-पुरातात्विक झलक | दुमका केरौ धार्मिक-सांस्कृतिक-पुरातत्विक झलक | समीक्षा प्रकाशन | — |
| २०२३ | श्रीमद्दूवेभयहरणचरितामृत (काव्यतीर्थ पंडित रामचरण बाजपेयी विरचित ) | संपादित अवधी भाषा काव्य (हिंदी अनुवाद सहित) | समीक्षा प्रकाशन | — |
हुनी एगो व्यापक अंगिका शब्दकोश (बृहद् अंगिका शब्दकोश) प भी सक्रिय रूप सँ काम करी रहलौ छै।
पुरस्कार व सम्मान
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]अनूप कुमार वाजपेयी क समय-समय प पुरस्कार व सम्मान मिलतें रहलो छै। हिन्दी केरो सेवा आरू शोध कार्य लेली विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ भागलपुर तरफो सँ २०१२ ई. मँ विद्यासागर उपाधि प्रदान करलो गेलौ छै । [२५]
विरासत
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]पंडित अनूप कुमार वाजपेयी केरौ कठोर शोध आरू सिद्धांत, खास करी क राजमहल क्षेत्र केरौ प्राचीन इतिहास आरू जीवाश्म विज्ञान सँ संबंधित, एगो भारतीय दृष्टिकोण सँ वैश्विक इतिहास केरौ पुन:लेखन लेली एगो नया परिप्रेक्ष्य दै केरौ लक्ष्य रखै छै। हुनको परिवार, हुनको अगुआई मँ, साहित्यिक काम मँ सक्रिय रूप सँ जुड़लो छै। हुनी एगो निजी संग्रहालय क बरकरार रखनें छै, जेकरा मँ दुर्लभ ऐतिहासिक साक्ष्य आरू फोटो छै, जे शोधकर्ता आरू शिक्षाविद् लेली एगो संसाधन के रूप मँ काम करै छै।[२६]
सन्दर्भ
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]ग्रन्थसूची
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]- वाजपेयी, अनूप कुमार (२००९). राजमहल (ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक). संपादन व प्रकाशन - सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक, संथालपरगना, दुमका (झारखण्ड).
- वाजपेयी, अनूप कुमार (२०११). पूर्वी भारत के पहाड़िया. प्रकाशन - पंडित अनूप कुमार वाजपेयी.
- वाजपेयी, अनूप कुमार (२०१८). भारतीय लोक देवता कोश. दिल्ली/मुजफ्फरपुर: समीक्षा प्रकाशन. ISBN : 978-93-87638-11-2
- वाजपेयी, अनूप कुमार (२०१८). विश्व की प्राचीनतम सभ्यता. दिल्ली/मुजफ्फरपुर: समीक्षा प्रकाशन. ISBN : 978-93-87638-12-9
- वाजपेयी, अनूप कुमार (२०११). पूर्वी भारत के दुमका ज़िला की धार्मिक-सांस्कृतिक-पुरातात्त्विक झलक दिल्ली/मुजफ्फरपुर: समीक्षा प्रकाशन.ISBN : 978-93-90685-87-5
- (२०१७) . अंगिका/खोरठा पं० अनूप कुमार वाजपेयी सें साक्षात्कार संवाद (संपादक - डॉ. मीरा झा), दिल्ली/मुजफ्फरपुर: समीक्षा प्रकाशन. ISBN : 978-93-86181-93-0
- (२०२१). पावस-पीयूष ISBN : 978-93-90685-32-5 (संपादक: पंडित अनूप कुमार वाजपेयी). दिल्ली/मुजफ्फरपुर: समीक्षा प्रकाशन.
- (२०२३). श्रीमद्दूवेभयहरणचरितामृत ISBN 978-93-90685-91-2 (संपादक: पंडित अनूप कुमार वाजपेयी) .दिल्ली/मुजफ्फरपुर: समीक्षा प्रकाशन.
बाहरी लिंक
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]उद्धरण
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]- ↑ https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/dumka/birth-anniversary-of-tilka-manjhi
- ↑ https://sahityakar.angika.com/2019/05/Angika-Sahityakar-Pandit-Anup-Kumar-Bajpai.html
- ↑ https://www.livehindustan.com/jharkhand/dumka/story-there-is-no-fundamental-difference-between-angika-and-kharhta-dr-meera-jha-1776632.html
- ↑ https://www.telegraphindia.com/jharkhand/identity-crisis-for-freedom-fighter/cid/1650436#goog_rewarded
- ↑ https://webakhbar.com/93572/
- ↑ https://lokmanchlive.com/secret-of-rajmahal-hills-did-human-beings-up-to-14-feet-live-here/
- ↑ https://www.ptinews.com/editor-detail/first-woman-from-mal-paharia-tribal-community-cracks-jpsc--felicitated-by-jharkhand-police/2842805
- ↑ https://www.freepressjournal.in/lifestyle/jharkhand-to-protect-fossil-rock-in-dumka-district-to-promote-tourism
- ↑ https://streetbuzz.co.in/newsapp/view/post:441244?%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BE%20:%20%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE%20%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95,%20%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82%20%E0%A4%95%E0%A5%8B%20%E0%A4%86%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4%20%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80%20%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%81%20%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B2%20%E0%A4%9A%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8,%20%E0%A5%98%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0
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- ↑ https://travel.economictimes.indiatimes.com/news/destination/states/jharkhand-to-protect-fossil-rock-in-dumka-district-to-promote-tourism/104782072
- ↑ https://navbharattimes.indiatimes.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-rajmahal-hills-are-older-than-himalayas-10-to-14-feet-abode-of-primitive-man/articleshow/98061452.cms
- ↑ https://flavourofbengal.com/?p=1064
- ↑ https://theprint.in/india/primitive-tribe-body-demands-inclusion-of-maundo-in-the-list-of-regional-languages-for-mal-paharia/845309/
- ↑ https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-footprints-of-primitive-man-in-mahabala-hills-of-dumka-23246662.html
- ↑ https://www.liveaaryaavart.com/2018/06/book-inaugration-dumka.html?m=1
- ↑ https://www.newstodaynetwork.com/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%80-500-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80/cid10021882.htm
- ↑ https://www.angika.com/2020/12/supraacheen-ang-sabhyata-kee-khoj-kee-disha-ek-adhyayan-by-jeevan-jyoti-chakravartee.html
- ↑ https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-old-records-are-quoted-on-varun-kalash-of-the-temple-20079218.html
- ↑ https://www.prabhatkhabar.com/prabhat-khabar-special/how-old-is-vaidyanath-temple
- ↑ https://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/baidyanath-dham-readies-for-animal-sacrifice/articleshow/49448412.cms
- ↑ https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/dumka/the-ig-honored-the-selected-girl
- ↑ https://hindi.theprint.in/india/in-dumka-the-poetic-book-pavas-piyush-composed-in-the-year-1907-was-launched/277946/
- ↑ https://hindi.theprint.in/india/in-dumka-the-poetic-book-pavas-piyush-composed-in-the-year-1907-was-launched/277946/
- ↑ https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-9955154.html
- ↑ https://www.telegraphindia.com/jharkhand/identity-crisis-for-freedom-fighter/cid/1650436#goog_rewarded
