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चंपा नदी

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ऋग्वेद इण्डिका उत्तर पुराण जैन साहित्य चंपा नदी जेकरो  नाम ऋग्वेद,मेगास्थनीज रो इंडिका आरो उत्तर पुराण जैन साहित्य मs   इरनभव बतयलो गेलो छै। ई नदी मात्र नदी नय छै ई राजा प्रियव्रत ,रानी मालिनी रो प्रथम सूर्यव्रत रो साक्षी छै राजा रोमपाद  (भगवान राम रो बड़ो मौसा )रो नित्य स्नान अर्घ्य सs सुशोभित ऋषि सृंगी देवी शांता रो चरण चिन्हों सs सुशोभित, छै,सूर्यपुत्र कर्ण कs सूतपुत राधेय बनै रो गवाह छै।

भगवान वासुपुज्य ,सती चंदनवाला, सती सुभद्रा रो पदचापो कs पहचानै छै, चांदो सौदागर रो रेशम व्यापार केरो जलमार्ग रहलो छै सती बिहुला नs चंपा नदी रो गोकुल गंगा घाट सs अपनो मृत पति कs जिलाय लेली  मंजुषा स्वर्ग यात्रा आरंभ करनs छेलै । भगवान बुद्ध,देवी विशाखा रो ज्ञान कs समेटी अपनो अंतिम सांस गिनी रहली छै कभी हैय नदी मs काला डॉलपीन (जेकरा अंगिका मs सोंस

कहलो जाय छै)रो अटखेली कs सहज देखलो जाय छेलै रंग बिरंगी मछली सीनी हैय नदी रो शोभा छेलै लाखों किसानों , मछुआरा,बुनकार सिनी रो जीवन रेखा छेलै या ई कहै की अंग रो आर्थिक,ऐतिहासिक,धार्मिक पूंजी छेलै ई नदी तs गलत नैय होतै इकरो उद्गम सिमुरतल्ला रो पहाड़ी से चंदन वन (चानन)होतेs हुयs त्रिमुहानी घाट मs गंगा नदी मs समा जाय छेलै। चन्दन वन रो स्पर्श सs एकरो पानी सुगंधित आरो स्वास्थ लेली औषधीय गुणों सs परिपूर्ण छेलै।

आय चंपा नदी मानवीय भूल आरो प्रशासन रो अनदेखी आरो नगर निगम रो कूड़ा डंप बनय रो कारण एकरा चंपा नाला कही करी कs संबोधित करलो जाय छै जे ई क्षेत्र रो लेली गाली रो बराबर छै। चीनी यात्री ह्वेनसांग नs ई नदी रो भूरी भूरी प्रशंसा करनs छै।

ई नदी रो उत्थान बहुते आवश्यक छै एकरो गाद रो सफाई होय आरो एकरा अतिक्रमण मुक्त करलो जाय ई नदी मs पानी आबै लेली जलस्रोत कs बांध मुक्त करालो जाय आरो घाटों रो निर्माण एतिहासिक झलक देखातs होलs करलो जाना चाहियो जेकरा सs यहां पर्यटन कs बढ़ावा मिलतै लोगो कs स्वास्थ्य लाभ होतै आरो रोजगार कs बढ़ावा मिलतै ,लाखों किसानों,मछुआरों,बुनकरों कs आर्थिक लाभ होतै लोगs फेनु जल मार्ग सs व्यापार आरो यात्रा करs सकतै। नद्दीये  सभ्यता सिनी कs जीवित रख़ै  छै ई लेली चंपा नदी कs बचइलो जाना चाहियो जबs विलुप्त सरस्वती नदी कs खोजलो जाबs सकै छै तs आखरी सांस लेतs चंपा कs कहीनाs नैय बचईलो जाय सकै छै।

     आलोक कुमार

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