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काली माय

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काली माय नय ते काली माता एगो हिन्दू देवी छेके। हिनखा महाकाली भी कहलो जाय छे। हुन्ही मृत्यु, काल औरो बदलाव के देवी छेके। हिन्ही सुंदरी रूप के आदिशक्ति दुर्गा माय के कारी, विकराल, आरो डरावनो रूप छेके, हुनखर जनम असुर सन्ही के संहार लेली होल छेले। उत्तरी भारत केरो राज्य सन्ही जेसें की बंगाल, बिहार, झारखंड, आरो उड़ीसाम हिंनखरो पूजा प्रचलित छे।

अंगिका संस्कृति म

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अंगिका संस्कृति म काली माय के नाम बहुत जगह मिले छे, खासकर करी के हेकरो लोकगीत आरो लोकगाथा में। काली माय के पूजा बेसी करी के अखारी पूजा घरी करलो जाय छे। ई पूजाम काली के पूजा, गीत, नाच, आरो पाठा काटलो जाय छे[]

'निमिया के डारी' अंगिका लोकगीत

काली माय के चेचक के देवी मानलो जाय छे। चेचक होवे से बचे लेली लोग काली माय के पूजा करे छे। अंगिकाम चेचक बारे लोकगीत छे 'निमिया के डारी' जेकराम गावे वला काली माय से विनती करे छे।

  1. https://wikisource.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80_%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE