अंगिका के इतिहास
अंगिका रॉ इतिहास प्राचीन भारत के रॉ समृद्धि सांस्कृति अरु भाषाई विरासत स जुडलो छै। ई भाषा मुख्यतः बिहार के अंग प्रदेश (वर्तमान के रॉ भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई अरु कटिहार जिला मअ), झारखंड के कुछ हिस्सा अरु पश्चिम बंगाल के साथ नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र मे भी बोललो जाय छै। प्राचीन इतिहास अंगिका के इतिहास अंग महाजनपद से जुडलो छै। जे बुद्धकाल (6वीं शताब्दी ईसापूर्व) के 16 महाजनपद मे से एक छलय। अंग प्रदेश के राजधानी चम्पा (अबा भागलपुर मे) छलय। ई शहर व्यापार अरु संस्कृति रॉ केंद्र छलय। गौतम बुद्ध अंग प्रदेश मे भ्रमण करै ला आइलो छलय। ई भाषा के जड़ मागधी प्राकृत अरु संस्कृत स जुडलो छै। मध्यकालीन युग मौर्य, गुप्त अरु पाल वंश शासन काल में अंग प्रदेश शिक्षा, संस्कृति अरु व्यापारिक केंद्र छलय। भाषा में अपभ्रंश के असर देखलो जावा सकै छै। लोकगीत, कथा-कहानी अरु भजन अंगिका में खूब प्रचलित छै। विवाह गीत, सोहर अरु समदाऊन सिनी लोक परंपरा के हिस्सा छै। आधुनिक काल अंगिका के भारत सरकार के 8वीं अनुसूची में शामिल करलो गेलो छै। एकरा भाषाई मान्यता देबय के मांग ज़ोर पकड़लो छै। अंगिका भाषा के अफ्नो अलग पहचान देबय लेली कैय गो नी आंदोलन होलय। लोक कलाकार, साहित्यकार अरु अंगिका भाषा प्रेमी लोग एकरा संवैधानिक मान्यता दिलाबय के रॉ मांग करी रहलो छै। अंगिका में पहलो फिलिम "खगड़िया वाली भौजी"(2007) बनलों रहै। यूट्यूब, फेसबुक अरु सोशल मीडिया पर अबा अंगिका में कॉमेडी, गाना, शॉर्ट फिलिम, कथा सिनी बहुत बनी रहलो छै। अंगिका के कोनो विशेष लिपि नाय छै। ई अधिकतर देवनागरी लिपि में ही लिखलो जाय छै। कुछ समय तक ई बंगला लिपि में भी लिखलो गेलो छै।
वार्ताकार: ज्योति सोनी