अंगदेश
महाभारत मँ अंगदेश केरौ वर्णन मिलै छै, जेकरौ अनुसार ई भारत केरौ उत्तरी भागौ मँ स्थित छेलै। ई देश वर्तमान मँ बिहार राज्य केरौ भागलपुर आरो बाँका जिला स्थित छै। महाभारतौ मँ सूर्य देवता केरौ पूत कर्ण अंगदेश केरौ राजा छेलै।
अंगदेश राज्य केरौ धनवान होय रौ कथा
[संपादन | स्रोत सम्पादित करौ]अंगदेश पहिनँ राजा जरासंध केरौ दास छेलै केन्हं के अंग केरौ कोय राजा नाय छेलै। जेखनी दुर्योधन कर्ण क राजा बनैलकै त लोग कहै लागलै के अंगदेश केरौ राजा बनना मतलब मौत केरौ मुँह मँ जाना छेकै। कर्ण अंगदेश गेलै आरो ई जानलै के लोग तै खातिर ई कहै छै केन्हं के अंगदेश क जरासंध केरौ डौर छेलै। त कर्ण जरासंध क हरैलकै आरो देवता कुबेर केरौ सहायता सँ अंगदेश क धनवान बनैलकै। पहिनँ अंगदेशौ मँ धन, कपड़ा, घॅर, भोजन, सेना आरो बहुत वस्तु सिनी केरौ कमी छेलै पर कुबेर केरौ वरदान केरौ बाद अंगदेशौ मँ धन, कपड़ा, घॅर, भोजन आरो दुगो अक्षौहिणी सेना केरौ निर्माण होलै, अरथात अंगदेश क धनवान बनाबै मँ कर्ण केरौ हाथ छेलै।